Embryonic Development in Mammals


Zygote से एक नए जीव के विकास के लिए zygote में होने वाले रचनात्मक परिवर्तन को embryonic development कहते है। इन परिवर्तनों को निम्नलिखिल headings के अंतर्गत अध्ययन किया जा सकता है:-


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Embryonic Development in hindi


1. Cleavage or segmentation or cellulation:- एक fertilized egg(zygote) में mitosis cell division के श्रृंखला द्ररा टूटने या विभाजित होने के सम्पूर्ण प्रकिया को cleavage या segmentation कहते है| स्तनधारियों का egg एक बहुत ही छोटा आकर का रचना है जिसमे yolk नही पाया जाता है, अतः ऐसे egg को alecithal egg कहते है, लेकिन आधुनिक आविष्कारो के आधार पर ये पाया गया है कि egg microlecithal होते हों अर्थात इनमे बहुत ही कम मात्रा में yolk पाया जाता है| यह yolk egg के ooplasm में समान रूप से फैला हुआ होता है, अतः ऐसे egg को homolecithal या isolecithal egg भी कहते है।



मनुष्य में cleavage holoblastic type का होता है अर्थात प्रत्येक cleavage के बाद zygote में सम्पूर्ण विभाजन होता है| cleavage के बाद निर्माण होने वाली cells को blastomeres कहते है मनुष्य में cleavage की प्रकिया fallopian tube से uterus के रास्ते मे होता है| zygote में पहला cleavage division, first division के right angle पर होता है, अतः चार blastomeres का निर्माण होता है कुछ cleavage division के बाद 12–16  blastomeres का निर्माण होता है जो ठोस गेंद के समान देखयी देता है| इसका आकार mullberry के समान होता है अतः इसे morula कहते है।


Egg का zona pellucida, अंतिम cleavage division तक रहता है अतः morul के blastomeres के protoplasm कोई बृद्धि नही होता है जिस कारण embryo का आकार बढ़ नही पाता है लेकिन cells के DNA की मात्रा बढ़ जाती है| morula के निर्माण के बाद यह uterine cavity में पहुँच जाता है और उसके uterine wall के endo-metrium में स्तिथ हो जाता है।


2. Formation of blastula or blastulation:- blastomeres के rearrangement के कारण morula के अंदर एक central cavity का निर्माण होता है। central cavity को blastocoel या segmentation cavity या coeloblastula कहते है। blastocoel में गाढा पदार्थ भरा रहता है इस अवस्था मे cells का बाहरी layer trophoblast या trophoderm layer का निर्माण करता है।  इस layer के cells को cells of Rauber कहते है। अंदर की ओर पाये जाने वाले शेष cells के समूह को embryoblast कहते है है।  trophoblast के cells, embryonic body के निर्माण में भाग नही लेते है, सुरक्षात्मक और trophic membranes का निर्माण करते है जैसे chorion,amnion इत्यादि। जबकि embryoblast, विकसित होने वाले embryo के शरीर का निर्माण करने के लिए आवश्यक होता है। morula से blastula के निर्माण होने की सम्पूर्ण प्रकिया को blastulation कहते है। 
3. Gastrulation and formation of germ layers:- Blastula के निर्माण के बाद, embryo एक बहुत ही dynamic stage में बदल जाता है जिसे gastrula कहते है| blastula से gastrula के निर्माण होने की प्रकिया को gastrulation कहते है| gastrulation, embryonic development का बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकिया है जिसमे blastula के blastomeres में बहुत ही महत्पूर्ण morphogenetic, movement होता है| अतः तीन germ layer का निर्माण होता है जिसे ectoderm, mesoderm और endoderm कहते है।


इस प्रकिया में archenterone नामक एक primitive gut के निर्माण के कारण blastula का blastocoel पूर्ण रूप से गायब हो जाता है| यह archenterone विभिन्न body system में पाए जाने वाले cavities के निर्माण के लिए आवश्यक होता है| blastula के बड़े हो जाने के बाद embryoblast से कुछ cells अलग हो जाते है और पहले germinal layer का निर्माण करते है जिसे endoderm कहते है जो blastula के वास्तविक बाहरी layer के नीचे स्थित होता है| इस प्रकार development के इस अवस्था मे एक tube के समान प्रतीत होता है जो एक अन्य छोटे diameter वाले tube को घेरता है| अंदर वाला tube जो endoderm से घिरा होता है उसे primitive gut या archenterone कहते है।




Endoderm के अलग हो जाने के बाद embryoblast के शेष cells के समूह को embryonic disc कहते है| endoderm के निर्माण के तुरंत बाद embryonic disc के cordal end के cells, embryonic disc से अलग होकर second layer का निर्माण करते है| जिसे mesodermal layer कहते है embryonic disc से mesodermal layer के अलग हो जाने के बाद disc के शेष cells आपस मे arrange होकर एक लेयर का निर्माण करते है,जिसे ectoderm कहते है| इस प्रकार blastula के cells तीन germ layers का निर्माण करते है| बाहरी layer, ectoderm, बिचली layer mesoderm और निचली layer endoderm के नाम से जाना जाता है।


Fate of germ layers in embryonic development


Developing embryo में तीनो germ layers के निर्माण के बाद, प्रत्येक germ layers विभिन्न organs और organ system के निर्माण में भाग लेते है| इस प्रकिया को organogenesis कहते है इन layers से निर्माण होने वाले अंग और organ system निम्नलिखित है:- 



1. Ectoderm:- यह embryo का सबसे बाहरी layer हैं यह निम्नलिखित रचनाओं का निर्माण करता है:-


Skin and skin glands, buccal cavity, rectum, nervous system, Brain, spinal cord, nerves, pigment cells, nasal epithelium,internal ear,visceral and cranial cartilages, retina, lens and cornea of eyes, adrenal medulla, posterior and intermediate lobe of pituitary, pineal gland.


2. Mesoderm:- यह embryo का बिचला layer है यह निम्नलिखिल रचनाओं का निर्माण करता है:-


Vertebral column and appendicular skeleton, skeleton, smooth and cardiac muscles, coelomic  epithelium, kidney, gonads,urinary and genital ducts, adrenal cortex, blood vascular system, lymphatic system, spleen .


3. Endoderm:-  यह embryo का सबसे भीतरी layer है यह निम्नलिखिल रचनाओं का निर्माण करता है:- 


Internal lining of alimentary canal, stomach, intestinal glands, tongue, liver, pancreas, lungs, thyroid, parathyroid, anterior lobe of pituitary,thymus, lining of vagina, urethra, associated.


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