Mammary gland and Lactation


Milk उत्पन्न करने वाला और secrete करने वाला mammary gland सभी मादा स्तनधारियों की विशेषता है|प्रत्येक mammary gland 15-20 mammary lobes से बना होता है जो adipose tissue द्ररा विभाजित होता है|adipose tissue की मात्रा पर  mammary gland का shape और size निर्भर करता है लेकिन इस tissue का milk के production में कोई भूमिका नहीं होती है| प्रत्येक mammary lobe अनेक lobules में विभाजित होते है जिसमें milk का secretion करने वाले glandular alveoli स्थित होते है| alveoli के समूह secondary tubules के श्रृंखला में milk का secretion करते है| ये सभी tubules आपस में मिलकर mammary duct का निर्माण करते है| अनेको mammary ducts आपस में जुड़कर चौड़े mammary ampulla का निर्माण करते है| ये ampulla आपस में lactiferous duct का निर्माण करते है जो nipple के tip पर खुलते है।


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Mammary Gland in Hindi


Mammary gland  का अग्र भाग को nipple  कहते हैं। स्त्रियाँ इससे बच्चे को दूध पिलाती हैं। प्रत्येक स्तन में एक nipple और areola होता है। areola का रंग गुलाबी से लेकर गहरा भूरा तक हो सकता है साथ ही इस क्षेत्र में बहुत सी glandular alveoli भी उपस्थित होती हैं। स्त्री और पुरुष दोनों में स्तन का विकास समान tissues से होता है लेकिन यौवनावस्था  शुरू होने पर स्त्रियों के ovary से स्रावित hormone estrogen स्त्रियों में स्तन के विकास को  मुख्य रूप से बढ़ा देता है, जबकि पुरुषों में इस hormone की उपस्थिति बहुत ही कम मात्रा में होने के कारण स्तनों का विकास नहीं हो पता है, हालांकि बाल्यावस्था में nipple और glandular स्त्री-पुरुष दोनों में एक समान होते है।


बच्चे के जन्म के समय में उसके वक्षस्थल हल्के उभरे हुए हो सकते है। यदि इन उभरे हुए स्तनों को दबाया जाए तो 1-2 बूंदें दूध भी निकलती है। यह दूध मां के estrogen hormone के प्रभाव के कारण होता है| स्त्रियों के शरीर में progestrone hormone दूध का निर्माण करता है। वैसे दूध बनाने का प्रमुख कार्य prolactin का है जो pituitary gland से प्रसव के बाद निकलता है। स्तनों के अंदर कुछ fibres cells के कारण स्तन छोटे-छोटे हिस्सों में बंटा रहता है जिसमें दूध बनाने वाली glands होती है। यह glands आपस में मिलकर एक tube बनाती है जो nipple में जाकर खुलती है तथा जहां से दूध निकलता  है। यह नलिका nipple के पास आकर कुछ चौड़ी हो जाती है जहां दूध भी इकट्ठा हो सकता है। स्तनों में मांसपेशियां नहीं होती। केवल एक तरह का ligaments इसे बांधे रहता है, जिसको couple ligaments कहते है। इसलिए अधिक वजन के कारण या अच्छा सहारा न मिलने के कारण स्तन नीचे की ओर लटक जाते है।




बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान कराना अमृत के समान होता है। बच्चे के शरीर का विकास तथा समय के अनुसार शरीर में परिवर्तन आना यह गुण मां के दूध में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है। गर्भावस्था की अवधि के दौरान मां के शरीर में अधिक चर्बी जम जाती है। परन्तु मां के शरीर की चर्बी स्तनपान के साथ-साथ कम होती चली जाती है। मां अपने पहले जैसे सामान्य वजन पर आ जाती है।




Lactation in Hindi





Milk का निर्माण और उनके मुक्त होने की प्रकिया को lactation कहते है| parturition के बाद pituitary gland के अगले भाग से मुक्त होने वाला prolactin नामक hormone इस प्रकिया को उत्तेजित करता है यदि शरीर में estrogen की मात्रा अधिक है तो वह prolactin द्ररा उत्पन्न होने वाले उतेजना को directly समाप्त कर देता है| यदि कोई स्त्री अपने बच्चे को अपना स्तनपान नहीं कराना चाहती है तो उसे oral oestrogen लेना चाहिए जो prolactin के उत्तेजना को समाप्त कर देता है।


प्रारम्भ में 2-3 दिनों तक मां एक पिले रंग का गाढ़ा प्रोटीनयुक्त fluid का production करती है जिसे colostrum कहते है| colostrum में अत्याधिक मात्रा में antibodies पाये जाते है जो बच्चे के रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है| नवजात शिशु दूध चूसता है तो pituitary gland उत्तेजित होकर prolactin के साथ-साथ oxytocin नामक hormone निकालता है| oxytocin mammary gland में जमा दूध को बाहर निकालता है| डाँक्टरों का सुझाव है कि नवजात शिशु को प्रारंभिक विकास के समय स्तनपान कराने से शिशु healthy होता है।


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