Cancer Ki Puri Jankari


Cancer कोई अकेला रोग नहीं है, बल्कि यह रोगों का समूह है| इस रोग में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से विभाजित होने से कोशिकाओं और tissues में असामान्य वृद्धि और अधिकता उत्पन्न हो जाता है| cancerous cells या malignant neoplasms अपने बगल की सामान्य कोशिकाओं की ओर वृद्धि करते है और उन्हें नष्ट कर देते है| इन कोशिकाओं में बड़ा अनियंत्रित आकार का केन्द्रक पाया जाता है| neoplasm के समूह tumours का निर्माण करते है| इन कोशिकाओं में अपने आस-पास के tissues के साथ-साथ दूरस्थ अंगों तक फैल जाने की क्षमता होती है| इन tumours के वृद्धि करने से रोगी की मृत्यु हो जाती है|


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Cancer ki jankari in hindi


Cancer शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है और किसी भी प्रकार के cells इस रोग को फैला सकता है| cancer ना तो संक्रामक होता है और ना ही आनुवंशिक होता है| ऐसा माना जाता है की सभी कोशिकाओं में cancer उत्पन्न करने वाले genes पाये जाते है, जिसे oncogenes कहते है| ये genes कुछ विशेष परिस्थितियों में उतेजित हो जाते है और तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते है तथा malignant neoplasm का निर्माण करते है|


वे tumour जो connective tissues से घिरे रह जाते है और उसी क्षेत्र में रह जाते है जहां उनका निर्माण हुआ था और जिनकी वृद्धि हमेशा रोगी को नुकसान पहुँचा भी सकती है और नहीं भी पहुंचा सकती है, उन्हें non- malignant tumour या benign tumour कहते है| वे tumour जिनमें दर्द होता है, बहुत तेजी से वृद्धि करते है, अपने निर्माण स्थल से शरीर के अन्य भागो में blood या lymph द्रारा फैल जाते है, दूरस्थ भागो में वृद्धि करके दूसरे tumour का निर्माण करते है तो उस tumours को malignant tumour कहते है| cancerous cells या malignant neoplasm का दूरस्थ भागो तक फैल जाने की प्रकिया को metastasis कहते है|



Cancer ke prakar


1. Carcinomas:- वे tumours जिनका निर्माण epithelial tissues से होता है, उन्हें carcinomas कहते है| ये त्वचा में या आंतरिक अंगों को घेरने वाली झिल्लियों में उत्पन्न होता है| इनके अंतर्गत skin cancer, lung cancer, stomach cancer और pancreas cancer आते है| वे रंगीन tumours जो त्वचा के रंगीन तिल या मस्सा में पाये जाते है और बहुत तेजी से वृद्धि करते है, उन्हें melanomas कहते है| तिल या मस्सा में irritation उत्पन्न होने पर ये tumours, malignant हो जाते है और बहुत तेजी से शरीर के अन्य भागो में फैल कर cancer का रूप धारण कर लेते है।




2. Sarcomas:- वे tumours जिनका निर्माण प्रारम्भिक mesoderm से होता है, उन्हें sarcomas कहते है| इन्हें बाद में निम्नलिखित समूहों में बांटा जा सकता है:-

(a) Osteoma:- हड्डियों में पाये जाने वाला tumour

(b) Fibroma:- fibrous tissues में पाये जाने वाला tumour

(c) Glioma:- वे tumours जिनका विकास मस्तिष्क और central nervous system के supporting connective tissues के जाल द्रारा होता है|

(d) Lymphoma:- lymph nodes और lymphatic system के अन्य tissues में पाया जाने वाला tumours


3. Leukemias:- blood में पाये जाने वाले कोशिकाओं और bone marrow में पाये जाने वाले इन कोशिकाओं के निर्माता में अनियंत्रित रूप से अधिकता की  प्रकिया को leukemias कहते है| इसमें रोगी के leucocytes (W.B.C) की संख्या में असामान्य रूप से वृद्धि होती है|


4. Teratomas:- वे malignant tumours जिनका निर्माण नवजात शिशुओं और बच्चों के प्रारम्भिक embryonic tissues से होता है उन्हें teratomas कहते है| वे प्रारम्भिक embryonic tissues जिनका निर्माण germ cells या निषेचित polar bodies से होता है, वे गर्भ को suppress कर देता है| दूसरे शब्दो में teratoma सजीवों में पाये जाने वाले परजीवी गर्भ का एक समावेश है| बच्चों के आंख, kidney और carebellum में पाया जाने वाला malignant tumours, tretomas के उदाहरण है|


Carcinogens:- वे कारक जो cancer उत्पन्न करते है, उन्हें carcinogens कहते है| कुछ महत्वपूर्ण carcinogens और उनके प्रभाव का वर्णन नीचे Image  में किया गया है| भारत में स्त्रियों में पाया जाने वाला uterine-cervical cancer, पुरुषों में पाया जाने वाला mouth और throat cancer अत्यधिक पाये जाते है|


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Cancer के लक्षण निम्नलिखित है:-

1. वह जख्म जो भर नहीं पाता या भर जाने के बाद फिर उभर जाता है|

2. शरीर के किसी भी प्राकृतिक छिद्र से लगातार या बार-बार रक्त का निकलना|

3. कुछ tissues (विशेषकर स्तन) में कड़े क्षेत्र या गांठ का निर्माण होना|

4. स्त्रियों में मासिक धर्म के समय बहुत अधिक रक्तस्राव होना या निशिचत तिथि के अतिरिक्त रक्तस्राव होना|

5. पाचन तंत्र से संबंधित क्रियाओं में लम्बे समय तक रहने वाले परिवर्तन जैसे अंतः ग्रहण में गड़बड़ी, कब्ज, दस्त, पेट में गड़बड़ी, जो बहुत दिनों तक रह जाता है या गायब हो जाता है लेकिन पुनः प्रकट हो जाता है|

6. तिल या मस्सा में परिवर्तन|

7. बहुत दिनों तक रहने वाली खांसी या hoarness.

8. बिना किसी कारण के भार में कमी|

9. पेशाब और शौच के समय आने वाला खून|

10. कुछ निगलने में दिक्कत होना, गले में किसी प्रकार का गांठ होना, शरीर के किसी भी भाग में गांठ या सूजन होना।



Cancer के उपचार निम्नलिखित है:-

1. Surgery:- इसमें tumours को पूर्णतः निकाल दिया जाता है|

2. Laser treatment:- इस उपचार में विशेष प्रकार के लाल-काले दवा को शरीर में प्रवेश कराया जाता है, जिसे hemotoporphyria derivates कहते है|

3. Radiation:- कुछ विशेष किरणों के समूह को tumour पर केंद्रित किया जाता है, जो cancer cells को नष्ट कर देते है|

4. Chemotherapy:- विशेष प्रकार के anticancer दवाओं के उपयोग द्रारा यह उपचार किया जाता है| दो महत्वपूर्ण anticancer drugs- vincristine और vinblastine है, जिसे सदाबहार नामक पौधे से प्राप्त किया जाता है।


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